Flip Book on Corona

को वड-19-कारण, ल ण, सावधानी,
बं धन और टीकाकरण
फे स लटेटर मागद शका
C e n t re f o r
A d vo c a c y a n d
Research

फे स लटेटर के लए मागद शका
इस प बुक को फे स लटेटर समदाय म कोरोना महामारी पर चचा

करने, सं देश देने और जाग कता बढ़ाने के लए इ ेमाल करगे

को वड-19-कारण, ल ण, सावधानी,
बं धन और टीकाकरण
आभार :यह प बुक को समदाय म फे स लटेटर ारा कोरोना महामारी पर चचा करने, सं देश देने, जाग कता बढ़ाने और ो ाहन देने के उ े

बनाई गई है।
इस प बुक को वशं ष ो ं के सहयोग से बनाया गया है। सीफार इन सभी का आभार
डॉ. वं दना साद, बाल चिक ा और सामदा यक ा वशेष

डॉ. सेजल; ता त, डॉ. अ नी महाजन, डॉ. न धन स रल, व मे ा फलाडेशन
डॉ. स चन जैन, वकास सं वाद
सीएफएआर
सु ी अ खला सवदास, कायकारी ब क व सीफार टीम

करता है-



को वड-19

कोरोना बीमारी

ा है?

कोरोना बीमारी

ा है?

कोरोना एक सं ामक बीमारी है जो
एक वायरस क वजह से होती है।
आमतौर पर यह एक सं मत
से दसरे
म फै लती है यह


बीमारी खासने, छीकने पर

के
मं ह या नाक से नकलने वाली पानी

जैसी ब त ही छोटी (आख से न

दखने वाली) बं ूदो ं से फै लती है।
यह भी सं मण के कारण हो सकते ह-

ादा से ादा
बेनकाब

कम से कम बेनकाब

हंसना, गाना, जोर से बात करना

कोरोना वायरस

ा है?

यह एक वायरल बीमारी है जसके ल ण आम सद खासी के जैसे होते ह पर ु प रणाम

उसक अपे ा अ धक घातक होते ह।

बै ी रया-जीवाणु

वायरस- वषाणु

कोरोना वायरस शरीर म िकन रा ो ं से घुसता है ?

ब त ही छोटी सं ामक बं ूद

छोटी सं ामक बं ूद
बड़ी सं ामक बं ूद

1-3

फट

3-5 फ ट

5-160+ फ ट

ा कोरोना वायरस फे फड़ो ं के अलावा
शरीर के दसरे अगो ं पर भी हमला करता है?


दल पर भी असर, खासतौर
पर का ो ो सस ेज (र
धमनी या नस म थ े का गठन)

फफड़े सबसे

ादा भा वत

आत व लवर पर

भी असर

िकडनी पर भी असर
इस दौरान खन का थ ा

बनने पर म ीऑगन
फे ल होने का डर

कोरोना वायरस के ल ण

ा ह?

कोरोना वायरस के ल ण

ाह?

कोरोनो वायरस कई अगो ं पर असर डाल सकता है और लोगो ं को अलग-अलग

तरह के ल ण हो सकते ह

कोरोना वायरस ल ण के कार ह ?

िकन लोगो ं म कोरोना वायरस
Ÿ 6० वष से अ धक आयु
Ÿ शुगर/बीपी के मरीज
Ÿ दय रोग
Ÿ िकडनी क ल ी बमारी
Ÿ लीवर क बमारी
Ÿ फे फड़े खराब
Ÿ अ ताल प ँ चने म देरी

ादा खतरनाक है ? 

कोरोना जाच

नाक के माग से जाच


मं ह से जाच



दो कार क जाच


कोरोना से बचाव के

ा तरीके ह?

कोरोना से बचाव के

टीकाकरण

ा तरीके

वभ
कपड़े का मा

स जकल मा

कार के मा
N95 मा

मा
1

कै से इ ेमाल करे?
2

नाक के ऊपर
4

सावधानी से, मा को
ऊपर उठाएं , अपने सर
के पीछे के तारो ं को खोल
या ईयर लू को फै लाएं

3




ठोड़ी के नीचे तक

पहनते और उतारते समय सावधानी

खासते/छीकते समय सावधानी


5

6

7

मा नकालने के लए
के वल ईयर लूप या टाई
से हडल कर

मा को दोनो साईड
से पद कर फो कर

सावधान रह िक मा
हटाते समय अपनी
आख, नाक और मं ह को


न छु एं और हटाने के
तुरंत बाद हाथ धोएं

मा

मरीज मा पहने तो
खतरा 5 से 10% तक

पहनना

ो ं है ज री?

लोग मा पहन
और मरीज मा न
पहने तो खतरा 30% तक

दोनो ं ही न मा पहन
हो ं तो सं मण का खतरा
1 से 2% तक
मा और सामा जक
दरी दोनो तो सं मण

का खतरा 0.5%

मा

पहनना कब ज री है?

जब भी घर से बाहर नकल

घर मे अगर खद को या अ

सद को सद खासी हो


जब दसरे
से नज़दीक

सं पक म आय

हाथो ं क सफाई:


ो?

सं मत हाथ के ज रये नाक, मँ ुह ारा कोरोना वषाणु शरीर के अदर वेश

करते ह, उनको रोकने के लए बार-बार हाथो ं क सफाई करना ज री है।

हाथो ं क सफाई: कै से?
40 सेकंड तक, साबन और पानी से

सही तरीके से हाथ धोएँ

हाथो ं क सफाई: कब?
Ÿ हर दो-दो घं टे म
Ÿ खाने के पहले और बाद
Ÿ शौच के बाद


Ÿ खासने/छ कने के बाद

Ÿ मा

छू ने के बाद

अ र हाथ धोने के दौरान ये भाग छू ट जाता है
हाथ धोने के दौरान ये भाग कम बार छू टते ह
हाथ धोने के दौरान नही ं छू टते

Ÿ बाहर से घर आने के बाद


सामा जक दरी- सोशल ड सग


ो ं है ज री

सामा जक दरी यानी सोशल िड स के ज रए इस गं भीर वायरस के सं मण को रोका जा सकता ह। अगर िकसी को सद ै

जकाम या िफर खासी क सम ा है तो ऐसे लोगो ं करीब जाने से परहज करना चािहए। इसके साथ ही िकसी भीड़ वाली जगह



पर कम से कम लोगो ं से 6 फ ट क दरी ज री ह।



कोरोना बीमारी हो गई है तो
ा करना चािहए?

गृह अलगाव
(होम आइसोलेशन- ारंटाइन)
िकसी सद को ल ण दखते है या
उनका टे पॉ ज टव है, तो उनको
अलग रखना मतलब आइसोलेशन.
है और टे भी नेगेिटव है
पर िकसी मरीज के सं पक म आये
है तो ारंटाइन कर लेना चिहये
समय – १४ िदन

आयसोलेट/ ारंटाइन
कब करे
Ÿ ल ण – बखार, सद -जकाम, गलेमे



खराश, खासी.

Ÿ बखार के साथ – सरदद , लाल चकत,


सं ुघने क मता चले जाना
Ÿ नए ल ण- आखे लाल हो जाना और


बदनदद, पतला द
Ÿ िकसी को वड मरीज़ के साथ बना मा
और दरी बनाये बना मलना.

Ÿ घर का कोई
सं मत है
Ÿ

• Test करना ज

री

ो ं है ?

आयसोलेट/
ारंटाइन
कब होना
चािहए

आयसोलेट/ ारंटाइन कब ना
करे

• गं भीर ल ण- सास फू लना, बहोश हो जाना,


च र आना (BP कम हो जाना) लगातार तज

बखार आना, बखार का न थामना, बलगम म


खून आना .
• ऑ ीजन क मा कम होना - <९4%,
• अ बीमारी के मरीज- शुगर बढ़ जाना, छात
दद करना.
• खयाल रखने वाला कोई न होना .
Ÿ बढ़े लोग


Ÿ अगर टे

पॉ ज़ टव आता है तो ल ण शु होने के व से कम से कम 10
दन के लए ख़द को घर म से -आइसोलेट कर लेना चािहए

Ÿ अपने घर के दसरे सद ो ं से दर रहना चािहए.


Ÿ घर के दसरे लोगो ं को भी कम से कम 10 दन के लए ख़द को से ु

आइसोलेट कर लेना चािहए.

Ÿ कु छ लोगो ं म सफ ह े ल ण होगे, ज पेरा सटामोल जैसी दद
नवारक, आराम करके और ब त सारा तरल दाथ लेकर मैनेज िकया जा
सकता है.
Ÿ आपको जनरल ैक्टीशनर (डॉ र), फामसी या हॉ टल भी नही ं जाना

चािहए.



ऑ ीमीटर

% SpO2
PRbpm
प ऑ ीमीटर ऑ ीमीटर ड म ऑ ीजन लेवल चेक करने
क छोटी सी मशीन है।  
ऑ ीमीटर कै से काम करता है
• डवाइस को उं गली म प क तरह फं साया जाता है ।  
• इसके बाद इसम लगा ससर खन म ऑ ीजन के वाह क

जानकारी देता है।
• डवाइस म लगा ससर खन म ऑ ीजन के जरा से बदलाव को भी

ड जटल न पर दखा देता है।  
Ÿ इस ि या म कु छ एक सेकड का व लगता है और यह
के

ऑ ीजन र को री डग के मा म से न पर दखा देता है।
Ÿ  यह शरीर म होने वाले छोटे से छोटे बदलाव को भी पकड़ लेता है ।

6 िमनट का वॉक टे
6 मनट वॉक टे से कोरोना के मरीज अपने
ऑ सीजन लेवल को समय-समय पर चेक कर
सकते ह। यह टे
म ऑ ीजन क कमी
का पता लगाने और उ समय पर अ ताल म
भत कराने म मदद कर सकता ह।

Ÿ ६० साल से अ धक आयु के
6 मनट
क जगह ३ मनट चल कर यह जाच कर

सकते ह
Ÿ यह जाच करते समय साथ म एक

हो
तो अ ा है तािक सास फू लने लगे तो वह

मदद कर सके
Ÿ बठे बठे जस क सास फू ल रही है वह यह
ै ै

जाच न करे


ा जाच म गं भीर ल ण ह ?

ऑ ीजन क मा ा:
90 से 90% 6 मनट चलाकर पुनः देखे,
सुपरवायजर से सं पक करे. ६ मनट चलाकर फर
से देखे अगर 3 या अ धक से गरावट है?
तो रेफर कर!

सास क ग त

1 मनट म 24 से अ धक है, और अ गं भीर
ल ण ह; तो सुपरवायजर सं पक कर,
रेफर करे

90 % से कम तुरंत रे फर करे ;
:


ो नग से कोरोना मरीजो ं क जान बचाई जा सकती है। इसे करने से
ऑ ीजन लेवल बढ़ जाता है और फे फड़े ठीक से काम करने लगते ह ।

1.

30 मनट से 2 घं टे तक: अपने पेट के
बल लेटना

3.
4.

30 मनट से2 घं टे तक:
उठकर बैठना

30 मनट से 2 घं टे तक:
अपनी दा ओर लेटना

2.
5.

30 मनट से 2 घं टे तक:
अपनी बा ओर लेट

फर वापस पोजीशन 1 पर
आ जाएं । अपने पेट के बल
लेट जाएं !

इ टव ाइरोमीटर

यह एक ी दग ए रसाइज़र है, जो फे फड़ो ं म वायु क थै लयो ं को खोलने के लए धीमी गहरी सास लेने

म मदद करता है। इन ायामो ं को ेक दन १ या २ घं टे करना चािहये
योग के लए चरण
१. य द सं भव हो, तो सीधे होकर बैठ। यह कु स या ब र के िकनारे पर बैठने म मदद कर सकता है।
२. इ टव ाइरोमीटर को सीधा पकड़।

३. सास छोड़ और उसके बाद माउथपीस के चारो ं ओर अपने होठो ं को कसकर बं द कर ल। अपने मँ ह से


धीमी, गहरी सास ल।

४. जैसे-जैसे आप गहरी सास लेते जाएँ गे, वैसे-वैसे इ टव ाइरोमीटर के खाली चबर म प न उठता

जाएगा। अपने फे फड़ो ं म हवा क थैली का खलना सं भव बनाने के वा े समथन देने के लए धीरेु
धीरे सास ल। आपके इ टव ाइरोमीटर म एक सं के तक होता है, जो आपको बताता है िक आप


ब त तेजी से सास ले रहे ह या नही।

५. आप यथासं भव जतनी गहराई से सास ले सकते ह, उतनी गहराई से सास लेने के बाद अपनी सास को



३ से ५ सेकंड तक रोके रख। ल सूचक को उस र पर सेट कर जहाँ तक आप प ँ चे थे।
6. माउथपीस (मु खका) को बाहर नकाल और धीरे-धीरे सास छोड़। तनावरिहत रह और कु छ सेकंड के

लए सामा प से तब तक सास लेते रह, जब तक िक प न चबर के नचले भाग म न लौट आए।


टीकाकरण

कोरोना वै ीन
िकतने डोज़ लेने क ज रत- कोरोना से बचाव के लए दोनो ं ही वै ीन के कु छ स ाह के अतराल म दो-दो डोज़ दए जाते ह. ये दोनो ं ही

वै ीन हाथ क क मासपे शयो ं म इंजे िकए जाते ह. ए पट के मता बक,


• कोवै ीन क दसरी डोज क ज रत ४-६ स ाह के बाद होती है. जबिक

• को वशी क दसरी डोज ६-८ स ाह के बाद दी जानी चािहए


को वशी -को वशी च जी एडेनोवायरस वे र पर
आधा रत वै ीन है. इसम च जी को सं मत करने
वाले वायरस को आनवां शक तौर पर सं शो धत िकया

गया है तािक ये इंसानो ं म ना फै ल सके .

कोवै ीन-कोवै ीन एक इनए वेटेड वै ीन है,
जो बीमारी पैदा करने वाले वायरस को न य
करके बनाई गई है.

कोरोना वै ीन -समदाय म ां तयाँ


ीन का टीका लगवायगे तो हमारे ब े नही ं होगे।
Ÿ कोरोना का टीका लगाने से मृ ु भी हो जाती है ।
Ÿ टीका लगाने से कोई फायदा नही ं है टीके म नमक न पानी होता है।
Ÿ कोरोना वै

COVID-19 वै ीन के साइड इफे
इफे
ा है?
'टीकाकरण के बाद म होने वाले प रणाम सामा है
• बीमार महसूस करना
• ठं ड लगना या बुखार महसूस होना
• सरदद या फर बदनदद
• कभी कभी, इंजे न के जगह दद, लाल होना,
सूजना, गाठ या फर खजली हो सकती है।


• कभी कभी पेटदद, उलटी जैसा लगना, पसीना आना
इस तरह क सामा परेशानी हो सकती है।
(२-३ दन से ादा परेशानी हो तो डॉ र क सलाह ले)

/एडवस

COVID -19 वै

सामा तौर पर सभी नाग रको ं को भीड़ मु अनुभव के
लए टीकाकरण क पर जाने से पहले खुद को
को वनपोटल पर लॉग इन कर सकते ह और को वडर ज र करने तथा अपॉइं टमटशे ल करने क सलाह

१९ टीकाकरण के लए ‘र ज र/साइन इन
दी जाती ह।

योरसे ’ पर क कर।
१८ वष से अ धक उ के सभी नाग रक टीकाकरण Ÿ एक ही मोबाइल नं बर से अ धकतम ४ लोग टीकाकरण
के लए र ज र कर सकते ह। नाग रक ऑनलाइन
के लए र ज र कर सकते ह।
र ज ेशन के लए दो ो ं या प रवार से मदद ले सकते
टीकाकरण क तिदन सी मत सं ा म
ह।
र ज ेशन ॉट उपल कराते ह।
४५ वष या उससे अ धक उ के नाग रक टीकाकरण Ø को वनपोटल पर न पहचान प के मा म से
र ज र कर सकते ह:
क ो ं पर ऑनलाइन या वॉक-इन अपॉइं टमटशे ल


a. आधार काड b. डाइ वग लाइसस c. पैन काड d.
कर सकते ह।
पासपोट e. पशन पासबक f. एनपीआर ाट काड g.

हालािंक, १८-४४ वष के नाग रको ं को टीकाकऱण
वोटर आईटी (EPIC)
क पर जाने से पहले अ नवाय प से अपना
Ø र ज ेशन के लए कोई शु नही ं ह।

र ज ेशन तथा अपॉइं टमटशे ल करना होगा।



Ÿ www.cowin.gov.in लक के मा म से

Ÿ
Ÿ
Ÿ

Ÿ

ीन र ज ेशन पर जानकारी

कै से कर र ज ेशन










सबसे पहले cowin.gov.in क वेबसाइट पर जाएं और अपना मोबाइल फ़ोन नं बर दज कर.
आपके नं बर पर आपको एक वन टाइम पासवड मलेगा. इस नं बर को वेबसाइट पर पर लखे ओटीपी बॉ म
लख और वे रफ़ाई लखे आइकन पर क कर. इससे ये वे रफ़ाई हो जाएगा.
इसके बाद आपको र ज ेशन का प ा नज़र आएगा
यहाँ अपनी जानकारी लख और एक फ़ोटो आईडी भी साझा कर.
अगर आपको पहले से कोई बीमारी है जैसे- शुगर, ड ेशर, अ मा अ तो इसक जानकारी व ार से
लख.
जब ये जानकारी पूरी हो जाए तो र ज र लखे आइकन पर क कर.
जैसे ही ये र ज ेशन पूरा होगा आपको क टर न पर अपनी अकाउं ट डटेल नज़र आने लगेगी.

इस पेज से आप अपनी अपॉइटमट डेट तय कर सकते ह.
एक ही मोबाइल नं बर से अ धकतम ४ लोग टीकाकरण के लए र ज र कर सकते ह।

ऑ ीजन कॉनसटेटर मशीन









यह एक ऐसी मशीन है, जसम ऑक् सीजन भरवाने क ज रत
नही ं पड़ती, ब यह मशीन खद ही ऑक् सीजन जेनरेट करती

है.
यह सामानय हवा से नाइटोजन को अलग कर ऑक् सीजन क

अ धकता वाला गैस तैयार करती है. मशीन म लगे पाइप से यह
सास क तकलीफ वाले मरीजो ं तक प ं चता है और उसे आराम

हो जाता है.
के र म ऑ ीजन का सैचुरेशन लेवल 94 से 100
फ सदी के बीच होता है. 94 फ सदी से कम ऑ ीजन लेवल
इस बात का सं के त है िक उसके फे फड़ो ं म परेशानी हो रही है.
ऑ ीजन का र अगर 94 से नीचे जाने लगे तो सचेत हो
जाना चािहए और अगर ये र 93 या इससे नीचे हो जाए तो
मरीज को तुरंत अ ताल ले जाना चािहए 

कोरोना पर सं देश



र पूछे जाने वाले

.- ा उस
उ.-

ि से कोिवड-19 हो सकता है जसे कोई ल ण नही ं ह?

ादातर लोग यह बीमारी तभी फलाते ह जब उनके ल ण िदि गोचर होने लगते ह,


यानी वे बीमार हो चुके होते ह।

ोिंक इस बीमारी के फलने का सबसे मुख मा म खांसने


या छ कने से िनकली बं ूद ह। हालांिक यह सं भव है िक कु छ मामलो ं म ल ण सामने आने से

पहले भी सं मण फले। इस लए जन लोगो ं म ल ण नही ं ह, उनके साथ भी एक तय

शारी रक दरी बनाए रखने क सलाह दी जाती है।


.- ा ऐसा
जसे कोरोना-19 के लए े रटाइन िकया गया ह, इस बीमारी को फै ला

सकता ह?

उ.- िकसी
को को वड-19 जसे वायरस के सं पक म आने के 10 िदन के अदर ही ल ण


वक सत हो जाते ह। इस लए जन लोगो ं के वायरस के सं पक म आने का डर ह, उ 10 िदन के

लए अलग रखना ज री होता ह। इस अव ध के दौरान वे अलग नही ं रहे तो बीमारी को दसरो ं म


भी फै ला सकते ह। े रटाइन क अव ध के बाद माना जाता है िक उनसे इस बीमारी के फै लाने का
डर नही ं ह।

.- ा भोजन के मा म से भी को वड-19 फै ल सकता ह?

आम तौर पर कोरोना वायरस एक
क सं मत बं दो ं के दसरे

के शन तं म

प ंचने से ही फै लता ह। अब तक खाने-पीने के सामान से कोरोना वायरस फै लने के कोई माण

नही ं मले ह।
.- जन े म को वड-19 फै ला हो, वहां से कोई पैकेट ा करना सुर त ह?

हा। इस बात क आशं का ब त कम है िक को वड-19 से सं मत

िकसी पैकेट क
साम ी को सं मत कर देगा। चं ूिक ये पैकेट व भ प र तयो ं और तापमान म लाए जाते ह
तो इस बात क भी आशं का ब त कम है िक पैकेट के बाहरी िह े से लोगो ं को को वड-19 हो
जाए। हालािंक सलाह दी जाती है िक िकसी दसरे के हाथ से आए ए िकसी भी सामान को छू ने के

बाद आप अपने हाथ को साबन और पानी से 20 सेकड तक धो ल।


.-‘सोशल िड सग’ बनाए रखने का ा मतलब ह?

Ÿ दसरो ं से दरी पर रह (3-6 फ ट या 1-2 मीटर)।


Ÿ सावज नक वाहन, टै ी या राइड शेयर वाली गािड़यो ं का इस दौरान योग नही ं कर।

Ÿ भीड़ वाली जगहो ं (जसे- शॉ पग सटर, ू ल, काय ल, सनेमा हॉल और मं िदर, म द

व चच जसे धा मक ल) जाने से बच।



.-कोरोना सं मत ह पर टे रपोट नगेिटव ो?
बखार, सद , खासी, बदन दद, अ धक थकान और द कोरोना सं मण के ल ण ह. अगर


आपके अदर ये ल ण ह, तो डॉ र तरंत आपको टे करवाने का सुझाव देते ह, ये पता करने


के लए िक आप कोरोना से सं मत ह या नही ं
कोरोना सं मण क जाच के लए दो कार के टे होते ह: आरटी-पीसीआर और एं टीजन टे

दु नया भर के डॉ र आरटी-पीसीआर को सबसे अ ा टे मानते ह
.-आरटी-पीसीआर का ा मतलब है
आरटी-पीसीआर का मतलब है रयल टाइम रवस टासि शन पॉलीमरेज़ चेन रए न. इस

टे म नाक या गले से एक नमूना ( ाब) लया जाता ह।

वशेष ो ं के अनुसार, आरटी-पीसीआर पु कर सकता है िक कोई
कोरोना वायरस से
सं मत है या नही.ं एक बार मरीज़ क नाक या गले से ाब लेने के बाद उसे एक तरल पदाथ म
डाला जाता ह. ई पर लगा वायरस उस पदाथ के साथ मल जाता है और उसम ए व रहता ह.


िफर इस नमूने को टे के लए लैब म भेजा जाता ह।

आरटी पीसीआर परी ण कोरोना-सं मण के बारे म व सनीय प रणाम देता ह. लेिकन,

कभी-कभी ये 'फ़ॉ नगेिटव' भी देता ह।

.-'फ़ॉ नगे टव' ा होता है?
"कु छ मरीज़ो ं म को वड के सभी ाथ मक ल ण िदखते ह लेिकन, रज़
आते ह. मेिडकल भाषा म इसे फ़ॉ नगेिटव कहते ह।”

नगेिटव

.- ा वै ीन लेना अ नवाय है?
कोरोना के लए वै ीनेशन ै क है , हालािक यं क सुर ा और बीमारी के सार

को सी मत करने के लए कोरोना वै ीन क पूरी खराक आव क है।

.-

ा कोई िनवारक उपाय और सावधािनयां ह जसे वै

ीनेशन क

पर पालन करने क

आव कता होगी?
कोरोना वै

ीन लेने के बाद आपको कम से कम आधे घं टे तक वै

ीनेशन क म आराम

करना चािहए। यिद आपको बाद म कोई असुिवधा या बेचैनी महसूस होती है, तो िनकटतम


अ धका रयो/एएनएम/आशा को सू चत कर।


.-यिद कोई कसर, मधमेह, उ र चाप आिद जसी बीमा रयो ं क दवा ले रहा ह, तो ा वह



कोरोना वै ीन ले सकता है ?
हा,ँ इनम से एक या एक से अ धक ा प र तयो ं वाले
यो ं को एक उ जो खम
वाली ेणी माना जाता ह। उ कोरोना वै ीनेशन कराने क आव कता ह।


.- ा कोरोना से ठीक ए
को भी वै ीन लेना आव क है ?
पहले से सं मत होने के बावजद वै ीन क पूरी खराक लेना आव क है ोिंक यह


एक मजबूत ति या तं वक सत करने म मदद करेगा
.- ा कोरोना (पु /सं द ) सं मत
को भी वै ीन लगाया जा सकता है?
सं मत
यो ं को ल ण ख होने के 14 दन बाद तक वै ीनेशन गत करना
चािहए ोिंक वे वै ीनेशन ल पर दसरो ं म वायरस फै लाने का जो खम बढ़ा सकते ह

.-टीका लगने के बाद ो ं होता है को वड-19?
टीके से शरीर म दो तरह क इ ु नटी पैदा होती ह. एक इफे व इ ु नटी और दसरी




रलाइ जग इ ु नटी. रलाइ जग इ ु नटी वायरस से पूरी तरह सुर ा मुहया कराती ह.


इसका मतलब है िक िफर वायरस का कोई कण शरीर क को शकाओ ं म नही ं घुस सकता. शरीर म
वारयस अपने जसे वायरस भी नही ं बना पाता और आगे उसका सार भी क जाता ह.


.- ा टीका लगवाने वाले बीमारी को आगे फै ला सकते ह?
जमनी क रॉबट कॉख इं ी ट का कहना है िक इस बारे म अभी पया डाटा नही ं है िक ा

एमआरएनए और वे र आधा रत को वड-19 के टीके सं मण के फै लाव को रोकते या कम
करते ह. जब तक इस बारे म जानकारी मलती ह, तब तक टीका लगवाने वाले और उनके

आसपास मौजद लोगो ं को मा पहनने, दरी बनाए रखने और नय मत तौर पर हाथ धोने जसे



उपायो ं पर अमल करते रहना चािहए. कडी कहती ह िक ादातर टीके सं मण के फै लाव को

रोकते ह, भले ही वे रलाइ जग इ ु नटी मुहया ना करा सक.

.- ा टीका लगवाने के बाद को वड-19 बीमारी हो सकती है?
हा, यह सं भव है िक टीका लगवाने के बाद को वड-19 क बीमारी हो जाए. लेिकन टीका

लगने क वजह से बीमारी गं भीर नही ं होगी. जान को खतरा नही ं होगा. अगर टीका लगा है तो
आपको बना ल ण वाला सं मण हो सकता है और बीमारी का असर ह ा ही होगा.
फाइजर-बायोनटेक टीका मल वायरस से होने वाली बीमारी क रोकथाम म 95 तशत तक

कारगर है जबिक ऑ फोड-ए ाजेनेका 76 तशत तक भावी है.

.-को वड-19 का खतरा कम करने के लए मेरा प रवार ा कदम उठा सकता है?
Ÿ को वड-19 से बीमार होने के खतरे को कम करने के लए बचाव के उपाय आप खद भी

रोजाना अपनाएं और साथ ही अपने घर के सभी लोगो ं को भी ऐसा करने के लए कह। ये कदम
खास तौर पर बुजग और पहले से बीमार लोगो ं के लए ज री ह:

Ÿ बीमार लोगो ं से नजदीक सं पक से बच।
Ÿ अगर आप बीमार ह तो इलाज करवाने के अलावा घर पर ही रह।
Ÿ फे स कवर या मा पहन।

Ÿ खासी करते समय या छीकते समय कोहनी के अद नी िह े से मं ह को ढक या टशू पेपर का



उपयोग कर उसे ड बीन म फे क। इसके बाद अपने हाथ धोएं ।
Ÿ अपने हाथ को साबुन और पानी से अ ी तरह 20 सेकड धोएं , खास तौर पर नाक को साफ

करने के बाद, खासने या छीकने के बाद, शौचालय के योग के बाद और भोजन बनाने या

खाना खाने के पहले।
Ÿ अगर साबुन और पानी उपल नही ं हो ं तो आप अ ोहल आधा रत हड सेनेटाइजर का
उपयोग कर सकते ह, जसम कम से कम 60% अ ोहल हो। हाथ अगर गं दे दख रहे ह तो
अव उसे साबुन और पानी से धोएं ।
Ÿ जन सतहो ं को लोग बार-बार छू ते ह, उनको साफ और क टाणमु कर (जैसे फोन, दसरे


एले ॉ नक सामान, टेबल, काउं टर, बजली उपकरणो ं के च, दरवाजे के हडल और
आ ा रयो ं के हडल)
Ÿ टीका लगवाएं ।
.-टीका लगाने से हम कोरोना सं मण बलकु ल भी नही ं होगा?
ऐसे नही ं ह; िक ु टीका लगाने बाद, हमे शायद अ ताल म भरती होने क या गं भीर सं मण होने

क सं भावना कम होगी..
.- वै ीन क िकतनी खुराक िकस अतराल पर लेनी होगी?

वै ीनेशन पूरा करने के लए 28 िदन के अदर एक

ारा वै ीन क 2 खुराक ली
जानी चािहए
.- खुराक लेने के बाद एं टीबॉडी कब वक सत होगी?
कोरोना वै ीन क दसरी खुराक ा करने के दो स ाह बाद आमतौर पर एं टीबॉडी का

सुर ा क र वक सत होता है

.-को वड-19 से गं भीर जिटलता का खतरा िकन लोगो को ह?

को वड-19 से िकसी भी उ के लोग सं मत हो सकते ह, लेिकन कु छ लोगो ं को इस बीमारी से
ब त अ धक भा वत होने का खतरा होता ह। इनम ये शा मल ह:

Ÿ बजग लोग
ु ु
Ÿ जन लोगो ं को पहले से दय रोग, मधमेह और फे फड़ो ं क गं भीर सम ा आिद हो

हालािंक इसका यह मतलब नही ं है िक दसरे लोगो ं को यह बीमारी नही ं होगी या उनम इसक

तरोधी मता होती ह। हर

को इसका खतरा ह; िकसी-िकसी को ादा ह।



.-ब ो ं के कोरोना वायरस से सं मत होने के ल ण ह?
Ÿ बखार / कं पकपी के साथ बखार आना।


Ÿ खासी होना।

Ÿ मासपे शयो ं म दद (माइल गयास)।

Ÿ सास लेने म तकलीफ होना।

Ÿ गले म खराश / सं मण।
Ÿ पेट क सम ाएं (जसे ऐठन, भूख न लगना, उ याँ और द लगना) |
ै ं

.- ा मान सक ा का बीमारी से स
ह?

बलकु ल पड़ता ह, यिद मनोबल मजबत होगा तो हम बहतर तरीके से सामना कर पाएं गे।



.- ा तनाव या भय से हम िकसी सम ा का हल मलता ह?

बलकु ल नही,ं तनाव से िकसी भी सम ा का हल नही ं मलता ह, ब यह और नई सम ाएं

बढ़ा सकता ह। तनाव सम ाओ ं को हल करने म बाधा बन सकता ह। अ धक तनाव आपक छ व


को नुकसान प ंचाता ह।

.-ऑ ीजन कं सं टेटर का उपयोग खुद िकया जा सकता ह?

ऑ ीजन कं सं टेटर का उपयोग चे िफ ज सयन या इं टरनल मेिड सन ेश ल के

मागदशन म िकया जाना चािहए ोिक यह सं भा वत प से हा नकारक हो सकता ह।

.- ा ब े सं मत हो रहे ह?
उ.- इस पर ब त व त आकड़े नही ं आए ह, पर हा, हम ब ो ं क सुर ा के त कदम उठाने


चािहए। को वड क पहली लहर के मुकाबले दसरी लहर म 8 से 10 तशत ब े भा वत हो

रहे ह। अ बात यह है िक उनका सं मण गं भीर नही ं ह, अ े होने क दर अ धक ह। िफर भी


सावधानी ज री ह। ( ोत- दै नक भा र म का शत खबर।)

यह सूचना हमने व भ व सनीय सं गठनो ं (जसे व ा सं गठन (WHO), the यनाइटेड ेटस सटर फॉर िडजीज कं टोल एं ड वशन (CDC), ा और प रवार क ाण मं ालय, भारत सरकार (MoHFW),



इं िडयन कौ ं सल ऑफ़ मेिडकल रसच (ICMR), ीवलड
नक आिद) क वेबसाइट से जटाई ह। इसम से कु छ िह ा श शः उसी तरह पेश िकया गया ह, जबिक कु छ जगहो ं पर इसे नए सरे से लखा गया ह। यह सूचना




एक त करने के लए हम इन सं गठनो ं के किठन प र म का आभार कट करते ह।

C e n t re f o r
A d vo c a c y a n d
Research

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New Delhi - 110 019



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